संदेश

अगस्त, 2021 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

आत्मसुधार

चित्र
 3️⃣1️⃣❗0️⃣8️⃣❗2️⃣0️⃣2️⃣1️⃣             *आत्मसुधार* *एक बार एक व्यक्ति दुर्गम पहाड़ पर चढ़ा, वहाँ  पर उसे एक महिला दिखीं, वह व्यक्ति  बहुत अचंभित हुआ, उसने जिज्ञासा व्यक्त की कि "वे इस निर्जन स्थान पर क्या कर रही हैं"।* उन महिला का उत्तर था" मुझे अत्यधिक काम हैं"। इस पर वह व्यक्ति बोला "आपको किस प्रकार का काम है, क्योंकि मुझे तो यहाँ आपके आस-पास कोई दिखाई नहीं दे रहा"। *महिला का उत्तर था" मुझे दो बाज़ों को और दो चीलों को प्रशिक्षण देना है, दो खरगोशों को आश्वासन देना है,  एक सर्प को अनुशासित करना है और एक सिंह को वश में करना है।* व्यक्ति बोला "पर वे सब हैं कहाँ, मुझे तो इनमें से कोई नहीं दिख रहा"। महिला ने कहा "ये सब मेरे ही भीतर हैं।"  *दो बाज़ जो* हर उस चीज पर गौर करते हैं जो भी मुझे मिलीं, अच्छी या बुरी। मुझे उन पर काम करना होगा, ताकि वे सिर्फ अच्छा ही देखें ---- *ये हैं मेरी आँखें।*  *दो चील जो* अपने पंजों से सिर्फ चोट और क्षति पहुंचाते हैं, उन्हें प्रशिक्षित करना होगा, चोट न पहुंचाने के लिए ----- *वे हैं मेरे हाँथ।* *खरगोश यहाँ...

जन्माष्टमी

चित्र
 *अनंतकोटी ब्रह्मांड नायक सच्चिदानंद सर्वेश्वर भगवान श्रीकृष्णके अवतरण दिवस (श्रीकृष्ण जन्माष्टमी) की आप सभी को बहुत बहुत बधाई एवं हार्दिक शुभकामनाएं!* 🙏🙏💐💐🎊🎊🎊🎉🎉🥳🥳 *जय राधेगोविंद!* स्वमं परात्पर भगवान श्रीकृष्ण अपने जन्मके संबंध में श्रीअर्जुनजी को गीताजी में बतला रहे हैं.. ************************************************* अजोऽपि सन्नव्ययात्मा भूतानामीश्वरोऽपि सन्‌ ।     प्रकृतिं स्वामधिष्ठाय सम्भवाम्यात्ममायया ।। (गीता/4/6) यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत ।  अभ्युत्थानमधर्मस्य तदात्मानं सृजाम्यहम्‌ ॥ (4/7) परित्राणाय साधूनां विनाशाय च दुष्कृताम्‌ ।   धर्मसंस्थापनार्थाय सम्भवामि युगे युगे ॥ (4/8) जन्म कर्म च मे दिव्यमेवं यो वेत्ति तत्वतः। त्यक्तवा देहं पुनर्जन्म नैति मामेति सोऽर्जुन॥ (4/9) अर्थ-- (हे अर्जुन!) मैं अजन्मा और अविनाशीस्वरूप होते हुए भी तथा समस्त प्राणियों का ईश्वर होते हुए भी अपनी प्रकृति को अधीन करके अपनी योगमाया से प्रकट होता हूँ॥6॥ हे भारत! जब-जब धर्म की हानि और अधर्म की वृद्धि होती है, तब-तब ही मैं अपने रूप को रचता हूँ अर्थात साक...

हर बुखार कोरोना नही

 हर बुखार कोरोना नहीं बरसात के मौसम में जहां पेड़ हरे-भरे हो जाते हैं, वहीं इस मौसम में मौसमी बुखार भी खूब होता है। यह मौसमी बुखार पहले भी होता था, लेकिन अब बुखार के मायने बदल गए हैं। शरीर गर्म होते ही कोरोना का डर सताने लगता है। ऐसे में यह सवाल उठता है कि क्या हर बुखार कोरोना होता है? अगर बुखार हो जाए तो क्या करना चाहिए? ऐसे ही सवालों के जवाब एक्सपर्ट्स से पूछकर बता रहे हैं लोकेश के. भारती बुखार कोई बीमारी नहीं, लेकिन यह कई बीमारियों का शुरुआती लक्षण जरूर है। बुखार यह बताता है कि शरीर को कोई परेशानी है जिसका हल खोजना जरूरी है। कई बार परेशानी जब बड़ी होती है तो बुखार भी बढ़ने लगता है। ज्यादा तेज बुखार होने पर हमारे शरीर में मौजूद हॉर्मोन्स और एंजाइम सही तरीके से काम नहीं कर पाते। दिमाग भी ठीक से काम नहीं करता। इसलिए डॉक्टर पहले बुखार कम करने की दवा देते हैं। इसके बाद इंफेक्शन का पता लगाने के लिए जांच लिखते हैं।  बुखार होने की कोई न कोई वजह होती है। बिना वजह बुखार नहीं हो सकता। वजह जितनी बड़ी होगी यानी बीमारी जितनी बड़ी होगी, बुखार की जिद भी वैसी ही होगी। मान लें किसी को सामान्...

भारतीय संस्कृति पर्वों एवं त्योहारों की संस्कृति है । इनका उद्देश्य मानवीय संबंधों का विकास एवं उदात्त भावनाओं की सार्थक अभिव्यक्ति है । इन पर्वों में श्रावणी या रक्षाबंधन का महत्वपूर्ण स्थान है । वैदिक युग से प्रचलित यह पर्व शिक्षा, स्वास्थ्य, सौंदर्य तथा सांस्कृतिक मूल्यों की स्थापना एवं पुनर्स्मरण कराता है । इसे प्रायश्चित एवं जीवन मूल्यों की रक्षा के लिए संकल्प पर्व के रूप में मनाया जाता है । यही जीवन की सुख एवं समृद्ध का आधार है ।पौराणिक युग, मध्यकाल और वर्तमान समय में रक्षाबंधन विभिन्न रूपों में दिखाई देता है, परंतु इसकी निरंतरता एवं भावना में कहीं व्यक्तिक्रम नहीं हुआ है । हाँ, कुछ विसंगतियाँ ज़रूर आयी है । समाज के बदलते प्रतिमान व परिवेश के बावजूद आज भी प्रेम की मिठास से सराबोर यह पर्व जीवन की पवित्रता और रक्षा का प्रतीक बना हुआ है ।

चित्र
 

तालिबान का उदय

चित्र
 तालिबान ने युद्ध समाप्ति की घोषणा कर दिया है। बिना किसी खास विरोध के तालिबान के लड़ाके काबुल में प्रविष्ट हो गये और राष्ट्रपति सहित पूरा अफगान प्रशासन काबुल से भाग खड़ा हुआ। करीब 20 साल बाद अब काबुल पर तालिबान का दोबारा कब्जा हो गया है। लेकिन ये तालिबान हैं कौन? कहां से पैदा हुए? इनकी विचारधारा किस इस्लाम से प्रेरित है?  तालिब का अर्थ होता है विद्यार्थी। तालिबान का अर्थ हुआ विद्यार्थियों का समूह। आज अफगानिस्तान में "विद्यार्थियों के जिस समूह" के कारण तालिबान चर्चा में हैं इनका जन्म पाकिस्तान के एक मदरसे दारुल उलूम हक्कानिया में हुआ था। पाकिस्तान को अमेरिका द्वारा मुजाहिद (मजहबी योद्धा) तैयार करने का आदेश और डॉलर मिला था जिसे पूरा करने के लिए पाकिस्तानी फौज ने  दारुल उलूम हक्कानिया को चुना। इसी मदरसे से एक तालिब पढकर निकला था जिसका नाम था मुल्ला उमर जो उस समय कराची में कुरान पढाता था।  दारुल उलूम हक्कानिया के उस समय प्रिंसिपिल थे मौलाना समी उल हक उर्फ मौलाना सैंडविच। मौलाना समी उल हक मुल्ला उमर से बहुत प्रभावित थे। उन्हें जब पाक फौज का आदेश मिला कि अफगानिस्तान में सो...

जीवन संघर्ष में योग्यतम की विजय

 🔥♻️🔥♻️🔥♻️🔥♻️🔥♻️🔥 *फल वही वृक्ष देता है जो हर मौसम को सहन कर के पनपता है,* *इंसान जीवन में अगर आप को कभी कष्ट आते है, कभी सुख मिलता है तो उनको सब तरह से सहना सीखो, तभी आप जीवन को बढ़ा पाएंगे,अगर सब सुख मिलते रहेंगे तो इंसान कमजोर हो जायेगा, वो एक समय ऐसा होगा कि थोड़ा सा कष्ट उसे गिरा देगा,* *बच्चा जब पैदा होता है तब दाई या नर्स उसे पीठ पर थपकी मरती है, थोड़ा बड़ा होता है तो मसाज मालिश होती है, कारण कि उसके शरीर के सभी अंग मजबूत बने, सुख दुःख किसी भी व्यक्ति को मजबूत बनाता है जो दुःख या विषम परिस्थितियों को सहन करना सीख गया वो निश्चित कामयाब होगा,* *कुछ बुरा होता है हमारे सोच के अनुरूप नहीं होता तो निराश मत होइए, ना खुद से विमुख होना चाहिए, कितनी भी विषम परिस्थिति में हर किसी बात का सामना करते रहना चाहिए, इस से  आप के प्रति लोगो ने विश्वास बढ़ेगा, और आप का मनोबल ऊंचा होगा, अगर आप खुद से विमुख होते जायेगे तो कभी खड़े नही हो पाएंगे, कोई भी कार्य की कामयाबी हासिल नही होगी,* *गलत होने के बाद जब सही करने की जिद बनती है बस वही से जीत का सिलसिला शुरू होता है।।* *रोता वही है जो ...

ध्यान का महत्व

 🪴🌻🪴🌻🪴🌻🪴🌻🪴🌻🪴 *हमारे जीवन में ध्यान का क्या महत्व  है, ये एक योग क्रिया है जो मन को एकत्रित करती है, बहुत सी बाते जो जरूरी है वो जब बिखर जाती हैं तब उनको संग्रहित करने को मन से ध्यान लगाते है।।* *जब हम छोटे थे तब से हमे बोला जाता था, हमेशा खेल कूद में रहते हो थोड़ा पुस्तको में भी ध्यान लगाओ,  असल में ध्यान होता क्या है, जब हमारा मन विचार बिखर जाते है तब ध्यान लगाते है, आंख बंद करके एक निश्चित वस्तु को याद करते है, वो ही हमे दिखने लगे तब हमारा ध्यान पूर्ण होता है।।* *महाभारत काल में ध्यान का सही उपयोग अर्जुन ने किया था, उनको ध्यान का पूर्ण ज्ञान था, गुरु   द्रोण जी ने पूछा कि चिड़िया का क्या क्या अंग दिख रहा है, तब अर्जुन ने सटीक जवाब दिया, गुरु जी चिड़िया की सिर्फ आंख दिख रही हैं।।* *हम अगर रोज सुबह एक निश्चित समय पर ध्यान लगाए तो हमारे मस्तिष्क का विचारो का बेहद विकास होता है, जब हम ध्यान को सिख जाते है या मतलब अपनी इंद्रियों को एकत्रित कर पाते है तो हम कोई भी असंभव कार्य कर सकते है।।* *ध्यान हमे तेजस्वी बनाता है, ईश्वर के नजदीक लता है,* *आपका दिन शुभ...

यहीं समय है सही समय है भारत का अनमोल समय है असंख्य भुजाओं की शक्ति है हर तरफ़ देश की भक्ति है तुम उठो तिरंगा लहरा दो भारत के भाग्य को फ़हरा दो यही समय है सही समय है भारत का अनमोल समय है कुछ ऐसा नहीं जो कर न सको कुछ ऐसा नहीं जो पा न सको तुम उठ जाओ तुम जुट जाओ सामर्थ्य को अपने पहचानो कर्तव्य को अपने सब जानो यहीं समय है सही समय है भारत का अनमोल समय है

चित्र
 

UP में 16 अगस्त से खुल जाएंगे स्कूल-कॉलेज: 5 अगस्त से विश्विवद्यालयों और कॉलेजों में एडमिशन प्रक्रिया शुरू होगी, एक सितंबर से चलेंगी कक्षाएं; नई गाइडलाइन जारी .

 उत्तर प्रदेश में 16 अगस्त से प्रदेश के सभी स्कूल-कॉलेज खुल जाएंगे। राज्य सरकार ने इसके लिए आदेश जारी कर दिया है। 5 अगस्त से राज्य के सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में स्नातक के एडमिशन होंगे। एक सितंबर से उच्च शिक्षण संस्थानों में कक्षाएं चलेंगी। वहीं, स्कूलों में 16 अगस्त से ही पढ़ाई शुरू हो जाएगी। राज्य सरकार की गाइडलाइन के अनुसार, स्कूल और कॉलेज 50% क्षमता के साथ ही खुल सकेंगे। मतलब आधे छात्र ही स्कूल आ पाएंगे। केवल उन्हीं छात्रों, शिक्षकों और स्टाफ को शिक्षण संस्थानों में आने की अनुमति होगी जिनमें कोई लक्षण नहीं होगा। सैनिटाइजेशन, थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था भी करनी होगी। सभी को मास्क पहनना अनिवार्य होगा।