डेल्टा प्लस का खतरा
कें द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की इस घोषणा के साथ स्वास्थ्यकर्मियों सहित आम लोगों के मन में भय मिश्रित चिंता व्याप्त हो गई है कि देश के कुछ हिस्सों में कोविड-19 विषाणु के नये स्वरूप के करीब 40 मामले सामने आए हैं, जिसे चिंताजनक विषाणु के रूप में वर्गीकृत किया गया है। इस नये स्वरूप को डेल्टा प्लस का नाम दिया गया है जिसका विकास डेल्टा विषाणु से हुआ है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक अभी तक महाराष्ट्र में 21, मध्य प्रदेश में 6, तमिलनाडु में 3, केरल में 3 और पंजाब, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश तथा जम्मू-कश्मीर में डेल्टा प्लस से संक्रमित 1-1 मरीजों में इसकी पुष्टि हुई है। केंद्र सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कोविड-19 के इस नये स्वरूप से सतर्क रहने का परामर्श जारी कर दिया है। दरअसल, कोविड-19 विषाणु अभी तक दुनियाभर के महामारी और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए रहस्यमय बना हुआ है । स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि आज से करीब 100 साल पहले आए स्पेनिश फ्लू ने भी करोड़ों लोगों को अपना निवाला बनाया था। संतोष की बात यह थी कि एक-दो साल के दौरान ही स्पेनिश फ्लू का विषाणु कमजोर पड़कर मामूली जुकाम-सर्दी में तब्दील हो गया था, लेकिन कोविड-19 विषाणु जितनी जल्दी-जल्दी अपना स्वरूप बदल रहा है; उसके कारण इसे समझने में कठिनाइयां आ रहीं हैं। हालांकि अन्य बीमारियों के विषाणु भी अपना स्वरूप बदलते हैं लेकिन कोरोना विषाणु के अब तक करीब एक हजार स्वरूप सामने आ चुके हैं। जाहिर है, ऐसे में इसे नियंत्रित कर पाना मुश्किल काम है। माना जा रहा है कि भारत में पहली बार मिला डेल्टा विषाणु ही दूसरी लहर का कारण था। इसलिए भी डेल्टा प्लस से ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। अभी इस बात का अध्ययन नहीं हो पाया है कि हमारे देश में मौजूद कोवैक्सीन और कोविशील्ड के टीके डेल्टा प्लस पर असरदार है या नहीं। इसलिए केंद्र और राज्य दोनों सरकारों को संभावित तीसरी लहर का मुकाबला करने के लिए पूरी तरह से तैयार रहने की जरूरत है। इसके लिए सबसे पहले टीकाकरण के अभियान को और तेज करते हुए प्रतिदिन 1 करोड़ टीका लगाने का लक्ष्य को प्राप्त करना होगा। इसी के साथ-साथ खासतौर से शहरी आबादी में भीड़भाड़ को रोकने के लिए कठोर कदम उठाने होंगे। पुलिस और प्रशासन को इस बात की निगरानी करते रहना चाहिए कि लोग कोरोना प्रोटोकॉल का
कड़ाई से पालन करें और सभी लोग घर से बाहर निकलते समय मॉस्क पहना करें ।

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