संदेश

गुरु पूर्णिमा

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 वंदउँ गुरु पद पदुम परागा। सुरुचि सुवास सरस अनुरागा।। तस्मै श्रीगुरवे नमः  सद्गुरु चरणकमलेभ्यो नमः। उन सभी गुरुओं को इस पावन अवसर पर कोटिशः नमन वन्दन, जिनसे इस दुर्लभ मानव जीवन को सतत अभ्युदयकारक बनाकर सार्थक करने की प्रेरणा मिलती रही है। आप सभी के जीवन को ऐसा सद्गुरु मिले जो जड़बुद्धि मिटाकर चैतन्य बना दे,  अविद्या को दूरकर विद्यावान बना दे अज्ञानान्धकार को दूर कर ज्ञान का प्रकाश भर दे दुर्गुणों को दूर कर सद्गुणों से युक्त कर दे। आप सभी को गुरु पूर्णिमा की ढेर शुभकामनाएं एवं बधाइयां।

संध्या चिंतन

 जाड्यं धियो हरति सिंचति वाचि सत्यं , मानोन्नतिं दिशति पापमपाकरोति । चेतः प्रसादयति दिक्षु तनोति कीर्तिं , सत्संगतिः कथय किं न करोति पुंसाम् ॥  भावार्थ : अच्छी संगति जीवन का आधार हैं अगर अच्छे मित्र साथ हैं तो मुर्ख भी ज्ञानी बन जाता हैं, झूठ बोलने वाला सच बोलने लगता हैं, अच्छी संगति से मान प्रतिष्ठा बढ़ती हैं पापी दोषमुक्त हो जाता हैं । मिजाज खुश रहने लगता हैं और यश सभी दिशाओं में फैलता हैं, मनुष्य का कौन सा भला नहीं होता? अर्थात मनुष्य का हर प्रकार से भला होता है। जय जय सियाराम  💐🙏🏻

सीटेट आवेदन 20 जुलाई से संभावित

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उत्तर प्रदेश संयुक्त प्रवेश परीक्षा बी.एड. 2021 परीक्षा की तिथि माननीय उपमुख्यमंत्री जी के निर्देशानुसार 30 जुलाई, 2021 दिन शुक्रवार को निर्धारित की गयी है। यह परीक्षा पूर्व की भाँति दो पालियों में सम्पन्न होगी।

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#वैदिक_गणित

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 लखनऊ :- बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में अब पहली कक्षा से संस्कृत पढ़ाई जाएगी। वहीं, कक्षा 4-5 में वैदिक गणित का अध्ययन कराया जाएगा। देश के राजनीतिक मानचित्र में हुए बदलाव के जरिए जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 व 35ए हटने के बाद की स्थिति की जानकारी दी जाएगी। यही नहीं, नौनिहालों को गुरु गोविंद सिंह के साहिबजादों का बलिदान भी पढ़ाया जाएगा। बेसिक शिक्षा विभाग ने शैक्षिक सत्र 2021-22 के पाठ्यक्रम में सत्तारूढ़ दल के सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और सरोकार के एजेंडे से जुड़े मुद्दों को शामिल किया है। कक्षा 6 की पुस्तक "पृथ्वी और हमारा जीवन' में देश के मानचित्र के जरिए पढ़ाया जाएगा कि जिस अनुच्छेद 370 व 35ए के जरिए जम्मू-कश्मीर को विशेष स्वायत्तता मिली थी और उनके नागरिकों को विशेष अधिकार प्राप्त थे, उसके खत्म होने के बाद लद्दाख और जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश बन गए हैं। लद्दाख की राजधानी लेह व जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर है। वैसे, ये अनुच्छेद 5 अगस्त 2019 को ही हटा लिए गए। थे, लेकिन पाठ्यक्रम में अब शामिल किए गए हैं। मजबूत करेंगे संस्कृत शिक्षा की नींव बच्चों में संस्कृत शिक्षा की ...

निशंक का जाना

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 निशंक के कार्यकाल के दौरान शिक्षा मंत्रालय ने कई महत्त्वपूर्ण पदों की भर्ती को रोके रखा। इसकी वजह से 40 केंद्रीय विश्वविद्यालयों में से करीब आधे विश्वविद्यालयों में कुलपतियों की नियुक्ति नहीं हो पाई। इनमें जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, दिल्ली विश्वविद्यालय, केंद्रीय विश्वविद्यालय - हरियाणा, हैदराबाद विश्वविद्यालय प्रमुख हैं। ये विश्वविद्यालय कई महीनों से बिना कुलपतियों के काम कर रहे हैं जबकि नई शिक्षा नीति को लागू करने के विभिन्न फैसले लेने के लिए इनकी बहुत अधिक आवश्यकता है। इसी तरह पांच भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आइआइटी) में पूर्णकालिक निदेशक नहीं है जिनमें दिल्ली, भुवनेश्वर, पटना, इंदौर और मंडी शामिल हैं। वहीं, आठ आइआइटी बोर्ड ऑफ गर्वर्नस के अध्यक्ष के बिना ही चल रहे हैं। इनमें दिल्ली, बॉम्बे, रुड़की, गांधीनगर, मंडी, रोपड़, त्रिरुपति और गोवा शामिल हैं। महत्त्वपूर्ण पदों पर नियुक्ति को रोके रखने की वजह से एक ओर तो नई शिक्षा नीति को लागू करने में समय लग रहा है। दूसरा, कोरोना महामारी के समय लिए जाने वाले महत्त्वपूर्ण * निर्णयों को लेने में देरी हुई । ...

NET v/s PhD

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 UGC NET 2021: नेट पास कर शिक्षक बनने की राह मुश्किल, नियुक्ति में पीएचडी को दिया जाता है वेटेज....नेट (नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट) पास कर चुके लाखों नौजवानों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। आने वाले समय में सहायक प्रोफेसर की सीधी भर्ती में पीएचडी को भी लगभग अनिवार्य करने की तैयारी चल रही है। जहां नेट को न्यूनतम अर्हता के रूप में मान्यता मिली हुई है, वहां भी पीएचडी उम्मीदवारों को ज्यादा तरजीह दी जा री है। इस प्रकार आने वाले दिनों में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा आयोजित की जाने वाली परीक्षा महत्वहीन साबित हो सकती है।      विश्वविद्यालयों में सहायक प्रोफेसर की नियुक्ति के लिए अभी नेट या पीएचडी में से एक न्यूनतम होना जरूरी है। जो उम्मीदवार पीएचडी है, उसे नेट करने की जरूरत नहीं है। जो नेट किया हुआ है, वह बिना पीएचडी के भी सहायक प्रोफेसर पद पर नियुक्ति पा सकता है, लेकिन पिछले समय से इस नियम का क्रियान्वयन हो रहा है कि नेट करने वाले उम्मीदवार को नियुक्ति के अवसर नहीं मिल पाते हैं। नियमों को विश्वविद्यालयों द्वारा अपने-अपने तरीके से लागू किया जा सकता है। यूजीसी ने दोनों अर्हताओं को...