गुरु पूर्णिमा

 वंदउँ गुरु पद पदुम परागा।

सुरुचि सुवास सरस अनुरागा।।


तस्मै श्रीगुरवे नमः 

सद्गुरु चरणकमलेभ्यो नमः।


उन सभी गुरुओं को इस पावन अवसर पर कोटिशः नमन वन्दन,


जिनसे इस दुर्लभ मानव जीवन को सतत अभ्युदयकारक बनाकर सार्थक करने की प्रेरणा मिलती रही है।

आप सभी के जीवन को ऐसा सद्गुरु मिले जो

जड़बुद्धि मिटाकर चैतन्य बना दे, 

अविद्या को दूरकर विद्यावान बना दे

अज्ञानान्धकार को दूर कर ज्ञान का प्रकाश भर दे

दुर्गुणों को दूर कर सद्गुणों से युक्त कर दे।


आप सभी को गुरु पूर्णिमा की ढेर शुभकामनाएं एवं बधाइयां।

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