संदेश

 ⛳ *सुप्रभात🌞वन्दे मातरम्*⛳ 🚩🦚🌹🐌🐄🐌🌹🦚🚩 अषाढ़ मास, कृष्ण पक्ष, *पँचमी*, शतभिषा नक्षत्र, सूर्य उत्तरायण, ग्रीष्म ऋतु, युगाब्ध ५१२३, विक्रम संवत-२०७८,  मंगलवार, 29 जून 2021. 🕉~~~~~~~~~~~~~🕉 *प्रभात दर्शन -* ~~~~~~~        "पूर्णतः निःस्वार्थ रहो, स्थिर रहो और कार्य करो। एक महत्वपूर्ण बात यह कि सबके सेवक बनो और दूसरों पर शासन करने का तनिक भी यत्न न करो, क्योंकि इससे ईर्ष्या उतपन्न होगी और इससे हर चीज नष्ट हो जायेगी। आगे बढ़ो, तुमने बहुत अच्छा कार्य किया है। हमे अन्य की सहायता की प्रतीक्षा किये बिना, अपने भीतर से ही सहायता लेनी चाहिए।  आत्मविश्वासी, सच्चे, कर्तव्यनिष्ठ एवं सहनशील बनो।  फिर देखो ! एक समृद्ध, शक्तिशाली भारत आपके सामने है।         *--स्वामी विवेकानंद* ~~~~~~~~~~~~~~~~~~ *🚩आपका दिन मंगलमय हो🚩* ~~~~~~~~~~~~~~~~~~

डेल्टा प्लस का खतरा

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 कें द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की इस घोषणा के साथ स्वास्थ्यकर्मियों सहित आम लोगों के मन में भय मिश्रित चिंता व्याप्त हो गई है कि देश के कुछ हिस्सों में कोविड-19 विषाणु के नये स्वरूप के करीब 40 मामले सामने आए हैं, जिसे चिंताजनक विषाणु के रूप में वर्गीकृत किया गया है। इस नये स्वरूप को डेल्टा प्लस का नाम दिया गया है जिसका विकास डेल्टा विषाणु से हुआ है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक अभी तक महाराष्ट्र में 21, मध्य प्रदेश में 6, तमिलनाडु में 3, केरल में 3 और पंजाब, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश तथा जम्मू-कश्मीर में डेल्टा प्लस से संक्रमित 1-1 मरीजों में इसकी पुष्टि हुई है। केंद्र सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कोविड-19 के इस नये स्वरूप से सतर्क रहने का परामर्श जारी कर दिया है। दरअसल, कोविड-19 विषाणु अभी तक दुनियाभर के महामारी और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए रहस्यमय बना हुआ है । स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि आज से करीब 100 साल पहले आए स्पेनिश फ्लू ने भी करोड़ों लोगों को अपना निवाला बनाया था। संतोष की बात यह थी कि एक-दो साल के दौरान ही स्पेनिश फ्लू का विषाणु कमजोर पड़कर मामूली...

टीजीटी/पीजीटी

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UP TGT/ PGT Exam Date August2021.

योग साधना द्वारा जीवन का विकास

 योग साधना द्वारा जीवन विकास योग का नाम सुनते ही कितने ही लोग चौंक उठते हैं उनकी निगाह में यह एक ऐसी चीज है जिसे लम्बी जटा वाला और मृग चर्मधारी साधु जंगलों या गुफाओं में किया करते हैं। इसलिये वे सोचते हैं कि ऐसी चीज से हमारा क्या सम्बन्ध? हम उसकी चर्चा ही क्यों करें? पर ऐसे विचार इस विषय में उन्हीं लोगों के होते हैं जिन्होंने कभी इसे सोचने-विचारने का कष्ट नहीं किया। अन्यथा योग जीवन की एक सहज, स्वाभाविक अवस्था है जिसका उद्देश्य समस्त मानवीय इन्द्रियों और शक्तियों का उचित रूप से विकास करना और उनको एक नियम में चलाना है। इसीलिये योग शास्त्र में “चित्त वृत्तियों का निरोध” करना ही योग बतलाया गया है। गीता में ‘कर्म की कुशलता’ का नाम योग है तथा ‘सुख-दुख के विषय में समता की बुद्धि रखने’ को भी योग बतलाया गया है। इसलिये यह समझना कोरा भ्रम है कि समाधि चढ़ाकर, पृथ्वी में गड्ढा खोदकर बैठ जाना ही योग का लक्षण है। योग का उद्देश्य तो वही है जो योग शास्त्र में या गीता में बतलाया गया है। हाँ इस उद्देश्य को पूरा करने की विधियाँ अनेक हैं, उनमें से जिसको जो अपनी प्रकृति और रुचि के अनुकूल जान पड़े वह उसी...

हमारी संस्कृति, जयतु संस्कृतं

 एक ही अक्षर से बना श्लोक..................... * एक ही अक्षर से बना श्लोक पढ़ा है कभी..??  यदि नहीं, तो लीजिए........ . "कः कौ के केककेकाकः काककाकाककः ककः। काकः काकः ककः काकः कुकाकः काककः कुकः॥" . अर्थात् - परब्रह्म (कः) [श्री राम] पृथ्वी (कौ) और साकेतलोक (के) में [दोनों स्थानों पर] सुशोभित हो रहे हैं। उनसे सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड में आनन्द निःसृत होता है। वह मयूर की केकी (केककेकाकः) एवं काक (काकभुशुण्डि) की काँव-काँव (काककाकाककः) में आनन्द और हर्ष की अनुभूति करते हैं। उनसे समस्त लोकों (ककः) के लिए सुख का प्रादुर्भाव होता है। उनके लिए [वनवास के] दुःख भी सुख (काकः) हैं। उनका काक (काकः) [काकभुशुण्डि] प्रशंसनीय है। उनसे ब्रह्मा (ककः) को भी परमानन्द की प्राप्ति होती है। वह [अपने भक्तों को] पुकारते (काकः) हैं। उनसे कूका अथवा सीता (कुकाकः) को भी आमोद प्राप्त होता है। वह अपने काक [काकभुशुण्डि] को पुकारते (काककः) हैं और उनसे सांसारिक फलों एवं मुक्ति का आनन्द (कुकः) प्रकट होता है।

सिंहासन हिल उठे राजवंशों ने भृकुटी तानी थी, बूढ़े भारत में आई फिर से नयी जवानी थी, गुमी हुई आज़ादी की कीमत सबने पहचानी थी, दूर फिरंगी को करने की सबने मन में ठानी थी। चमक उठी सन सत्तावन में, वह तलवार पुरानी थी, बुंदेले हरबोलों के मुँह हमने सुनी कहानी थी, खूब लड़ी मर्दानी वह तो झाँसी वाली रानी थी।।

यूपी बीएड 2021

संयुक्त बीएड #bed एंट्रेंस एग्जाम की एग्जाम तिथि घोषित 18 जुलाई 2021 को सम्पन्न होगी #बीएड प्रवेश परीक्षा