संदेश

गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा दुष्टों की वंदना

बंदउँ खल जस सेष सरोषा। सहस बदन बरनइ पर दोषा॥4॥ भावार्थ:-जैसे ओले खेती का नाश करके आप भी गल जाते हैं, वैसे ही वे दूसरों का काम बिगाड़ने के लिए अपना शरीर तक छोड़ देते हैं। मैं  दुष्टों  को (हजार मुख वाले) शेषजी के समान समझकर प्रणाम करता हूँ, जो पराए दोषों का हजार मुखों से बड़े रोष के साथ वर्णन करते हैं॥4॥

देश में उच्च शिक्षा की स्थिति पर एक रिपोर्ट

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इस समय का सबसे बड़ा सवाल- क्या कोरोना की तीसरी वेव आएगी? ज़वाब- बिल्कुल आएगी क्यों आएगी? इसलिये आएगी क्योंकि सब आम जन को अपेक्षा है कि तथाकथित तीसरी वेव को रोकने और उससे निपटने के प्रयास निम्नलिखित 5 करें- 1.सरकार 2.स्वास्थ्य विभाग 3.पुलिस 4.प्रशासन 5.सेना और -- आप क्या करेंगे? -बाजार खुलते ही बगैर काम के भी वहां जाएंगे और ठोड़ी पर मास्क लटकाकर ज्ञान बांटेंगे। - सब्जी मंडी में बगैर मास्क के घूमेंगे और यहां वहां थूकेंगे। -हमें तो एक बार हो चुका है,ये कहकर चौड़े होकर, नियमों का पालन करने वालों का मज़ाक उड़ाएंगे। -हमें तो आज तक बुखार भी नही हुआ ये कहते हुए नाई की दुकान पर सबके ऊपर खांसते रहेंगे। - बगैर लाइन के हर दुकान पर एक दूसरे से सटते हुए खरीदारी करेंगे - मौका मिलते ही पार्टी करेंगे और फिर जब वेव आएगी तो उपरोक्त पांचों को जी भरकर कोसेंगे । सुरक्षित रहिये, स्वस्थ रहिये ।

 इस समय का सबसे बड़ा सवाल- क्या कोरोना की तीसरी वेव आएगी? ज़वाब- बिल्कुल आएगी क्यों आएगी? इसलिये आएगी क्योंकि सब आम जन को अपेक्षा है कि तथाकथित तीसरी वेव को रोकने और उससे निपटने के प्रयास निम्नलिखित 5 करें- 1.सरकार 2.स्वास्थ्य विभाग 3.पुलिस 4.प्रशासन 5.सेना और -- आप क्या करेंगे? -बाजार खुलते ही बगैर काम के भी वहां जाएंगे और ठोड़ी पर मास्क लटकाकर ज्ञान बांटेंगे। - सब्जी मंडी में बगैर मास्क के घूमेंगे और यहां वहां थूकेंगे। -हमें तो एक बार हो चुका है,ये कहकर चौड़े होकर, नियमों का पालन करने वालों का मज़ाक उड़ाएंगे। -हमें तो आज तक बुखार भी नही हुआ ये कहते हुए नाई की दुकान पर सबके ऊपर खांसते रहेंगे। - बगैर लाइन के हर दुकान पर एक दूसरे से सटते हुए खरीदारी करेंगे - मौका मिलते ही पार्टी करेंगे  और फिर जब वेव आएगी तो उपरोक्त पांचों को जी भरकर कोसेंगे । सुरक्षित रहिये, स्वस्थ रहिये ।

https://www.facebook.com/Tr.AmitPandey/

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पंजाब और केरल समेत पांच राज्यों के स्कूलों को सर्वोच्च रैंकिंग

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निंदा में जो रस है वह अतुल्य है। स्तुति में अहंकार की अतुल्य पुष्टि होती है। निंदा दूसरों की। स्तुति अपनी। यही संसार है। लक्ष्मण ने राम से पूंछा कि माया क्या है। राम जी ने एक लाइन वाला उत्तर दिया: मैं और मोर तोर तै माया। मैं और मेरा - इसकी स्तुति। तै और तेरा - इसकी निंदा। सारा संसार के इसी के इर्द गिर्द घूमता है। सारा जीवन इसी के चारों तरफ घूमता है।