रंग दे बसंती.. पलास की कलियां हैं खिलने लगीं ऋतु बसंत में फूलों से आग लगेगी। सारे साल जिस पेड़ को भूले गए थे, उस पेड़ पर सबकी नजर टिकेगी, बसन्त की दस्तक से टेसू दमक रहे, कहीं कहीं आज चिंगारी दिख रही, वह भड़क पूरे जंगल दावानल बनेगी, देख जिसे विरही दिल में पीर बढ़ेगी।।



 

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